GMRL के एमडी डॉ. चंद्र शेखर खरे के तबादले और मुकेश कुमार के पदभार संभालने के बाद सेक्टर 9–साइबर हब निर्माण टेंडर में देरी हुई है।
MagicBricks News ने 15 सितंबर 2026 को बताया कि गुरुग्राम मेट्रो फेज 2 के प्रस्तावित सेक्टर 9–साइबर हब कॉरिडोर के निर्माण टेंडर में देरी हुई है। यह देरी गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्र शेखर खरे के तबादले के बाद हुई। मुकेश कुमार ने नए प्रबंध निदेशक का पद संभाल लिया है।
क्या हुआ
सेक्टर 9 से साइबर हब तक के प्रस्तावित मेट्रो रूट के लिए निर्माण टेंडर आगे बढ़ने की उम्मीद थी। GMRL के नेतृत्व में बदलाव के बाद अब इस प्रक्रिया में देरी हो गई है।
यह प्रस्तावित रूट ओल्ड गुरुग्राम, पालम विहार, उद्योग विहार और साइबर सिटी के लिए महत्वपूर्ण है।
इसका असर क्यों मायने रखता है
आगे भी देरी हुई तो इन इलाकों के निवासियों और ऑफिस जाने वालों को मिलने वाले प्रस्तावित कनेक्टिविटी लाभ पीछे खिसक सकते हैं। नेतृत्व परिवर्तन के बाद निर्माण टेंडर प्रक्रिया की अगली प्रगति इस परियोजना के लिए अहम होगी।
विशेषज्ञों की राय
उपलब्ध जानकारी से फिलहाल निर्माण टेंडर में देरी की बात सामने आती है, प्रस्तावित रूट रद्द होने की नहीं। इन इलाकों में घर खरीदने, किराये पर लेने या निवेश पर विचार करने वालों को मेट्रो कनेक्टिविटी को अभी प्रस्तावित सुविधा मानना चाहिए, उपलब्ध सुविधा नहीं।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
प्रॉपर्टी का फैसला लेने से पहले जांचें कि परियोजना निर्माण टेंडर की देरी से आगे बढ़ी है या नहीं। साथ ही ओल्ड गुरुग्राम, पालम विहार, उद्योग विहार या साइबर सिटी में संबंधित प्रॉपर्टी की मौजूदा पहुंच की पुष्टि करें और प्रस्तावित मेट्रो रूट को पहले से चालू मानकर निर्णय न लें।