भूमि कुर्की से जुड़े फोर्स मेज्योर दावे को खारिज करते हुए प्राधिकरण ने खरीदारों को प्रोजेक्ट जारी रखने या समझौते से बाहर निकलने का विकल्प दिया।
हरियाणा RERA ने Chintels India को पहले रद्द किए गए प्लॉट को बहाल करने का आदेश दिया है। प्राधिकरण ने भूमि कुर्की से जुड़े डेवलपर के फोर्स मेज्योर दावे को खारिज कर दिया। ET Realty ने यह जानकारी 2026-09-14 को दी।
क्या हुआ
RERA ने माना कि भूमि कुर्की से जुड़ा फोर्स मेज्योर दावा प्लॉट रद्द करने का आधार नहीं बन सकता।
खरीदारों ने रिफंड लेने के बजाय प्रोजेक्ट के साथ आगे बढ़ने की इच्छा जताई थी। RERA ने कहा कि आवंटी या तो समझौता जारी रख सकते हैं या उससे बाहर निकल सकते हैं।
समझौता जारी रखने वाले आवंटियों के पास देरी पर ब्याज लेने का विकल्प भी होगा।
इसका महत्व
इस आदेश से प्रभावित आवंटियों को दो विकल्प मिलते हैं—समझौता जारी रखना या उससे बाहर निकलना। इससे Chintels India की ओर से पहले रद्द किए गए प्लॉट की बहाली का रास्ता भी साफ होता है।
विशेषज्ञ की राय
इस मामले में खरीदारों के लिए व्यावहारिक फैसला यह है कि वे प्रोजेक्ट के साथ बने रहना चाहते हैं या समझौते से बाहर निकलना। आदेश में जारी रखने, बाहर निकलने और जारी रखने वाले आवंटियों के लिए देरी पर ब्याज का विकल्प दिया गया है।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
आवंटियों को पहले यह तय करना चाहिए कि वे समझौता जारी रखना चाहते हैं या उससे बाहर निकलना। जो खरीदार जारी रखते हैं, उन्हें देरी पर ब्याज से जुड़े विकल्प की भी जांच करनी चाहिए। पहले रद्द किए गए प्लॉट की स्थिति को RERA के आदेश से मिलाकर देखना चाहिए।