₹38,595 करोड़ की योजना के तहत हैदराबाद में सात कॉरिडोर पर 122.9 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन प्रस्तावित है, जिसे केंद्र की मंजूरी का इंतजार है।
तेलंगाना के अधिकारियों ने हैदराबाद मेट्रो के लिए 122.9 किलोमीटर और सात नए कॉरिडोर वाली ₹38,595 करोड़ की योजना तैयार की है। यह विस्तार केंद्र की औपचारिक मंजूरी और 50:50 केंद्र-राज्य संयुक्त उपक्रम पर निर्भर है। MagicBricks News ने यह जानकारी 14 सितंबर 2026 को दी।
क्या हुआ
प्रस्तावित हैदराबाद मेट्रो फेज 2 में सात कॉरिडोर के जरिए 122.9 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन जोड़ी जाएगी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी इस 50:50 संयुक्त उपक्रम के लिए केंद्र की मंजूरी मांग रहे हैं।
इस योजना का उद्देश्य बढ़ते इलाकों को जोड़ना और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटना है। विस्तार के लिए केंद्र की औपचारिक मंजूरी जरूरी है।
इसका महत्व
जिन इलाकों को इन सात कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा, वहां मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी खरीदारों, किरायेदारों और निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि योजना को अभी केंद्र की मंजूरी मिलनी बाकी है।
दी गई जानकारी में सातों कॉरिडोर के नाम, निर्माण शुरू होने की तारीख या पूरा होने की समयसीमा नहीं बताई गई है।
विशेषज्ञों की राय
प्रॉपर्टी पर नजर रखने वालों के लिए इस योजना से जुड़े दो स्पष्ट तथ्य हैं—122.9 किलोमीटर का प्रस्तावित नेटवर्क और ₹38,595 करोड़ की लागत। इसे लागू किया जाना 50:50 केंद्र-राज्य संयुक्त उपक्रम की मंजूरी से जुड़ा है।
सातों कॉरिडोर के स्थान उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए अभी किसी खास इलाके पर प्रॉपर्टी से जुड़ा असर तय नहीं किया जा सकता।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
हैदराबाद में खरीदने, किराये पर लेने या निवेश की योजना बना रहे लोगों को कॉरिडोर की जानकारी जारी होने पर यह जांचना चाहिए कि उनका इलाका इनमें शामिल है या नहीं।
केंद्र की औपचारिक मंजूरी की स्थिति भी देखें। आगे की आधिकारिक जानकारी आने तक इस प्रस्तावित विस्तार को चालू मेट्रो कनेक्शन न मानें।