अगस्त 2026 तक 109 मंजिलों तक पहुंच चुका जेद्दा टॉवर 1,000 मीटर से अधिक ऊंचाई का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है और बुर्ज खलीफा का 828 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार है।
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड आने वाले वर्षों में बदलने जा रहा है। दुबई में स्थित 828 मीटर ऊंची बुर्ज खलीफा लंबे समय से यह खिताब अपने नाम किए हुए है, लेकिन अब सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बन रहा जेद्दा टॉवर इस रिकॉर्ड को चुनौती देने के करीब पहुंच गया है।
क्या हुआ
सऊदी अरब के जेद्दा शहर में निर्माणाधीन जेद्दा टॉवर ने अगस्त 2026 तक 109 मंजिलों का आंकड़ा छू लिया है। निर्माण पूरा होने के बाद इसकी ऊंचाई कम से कम 1,000 मीटर यानी एक किलोमीटर से अधिक रहने की उम्मीद है।
क्यों है यह जरूरी
जेद्दा टॉवर का एक किलोमीटर की ऊंचाई पार करना सिर्फ रिकॉर्ड बदलने की बात नहीं है, बल्कि यह वैश्विक मेगा प्रोजेक्ट्स की दौड़ में सऊदी अरब की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने का संकेत है। इससे जेद्दा की स्काईलाइन पूरी तरह बदल जाएगी और सुपर-टॉल इमारतों के लिए नया इंजीनियरिंग मानदंड तय होगा।
विशेषज्ञ नजरिया
1,000 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए बेहद मजबूत नींव और तटीय क्षेत्र की तेज हवाओं को झेलने वाला डिजाइन जरूरी होता है। 109 मंजिलों तक पहुंचने की उपलब्धि यह भरोसा देती है कि डेवलपर तकनीकी चुनौतियों को पार कर रहा है और बुर्ज खलीफा के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़ने की स्थिति में है।
खरीदारों को किन बातों पर गौर करना चाहिए
जो निवेशक या खरीदार एक किलोमीटर से ऊंची इमारत में जगह चाहते हैं, उन्हें प्रोजेक्ट पूरा होने की सटीक तारीख और अंतिम प्रमाणित ऊंचाई पर नजर रखनी चाहिए। ऐसे टॉवर में स्ट्रक्चरल सेफ्टी, लिफ्ट और इवैक्यूएशन टेक्नोलॉजी तथा इस्तेमाल करने लायक असल फ्लोर एरिया पर पहले से ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है।
इस लेख में दी गई जानकारी MagicBricks News के माध्यम से प्राप्त हुई है और यह 2026-09-08 तक की परियोजना स्थिति पर आधारित है।