मुंबई ITAT ने हाउसिंग सोसायटी पर लगाए गए 18.4 करोड़ रुपये के कर निर्धारण को रद्द किया और कहा कि सोसायटी अपने फ्लैट मालिकों की प्रतिनिधि थी तथा बिक्री की रकम उसके खाते में नहीं आई थी।
ET Realty ने 12 सितंबर 2026 को बताया कि मुंबई ITAT ने पुनर्विकास लाभ से जुड़े एक हाउसिंग सोसायटी पर लगाए गए 18.4 करोड़ रुपये के कर निर्धारण को रद्द कर दिया है।
क्या हुआ
ट्रिब्यूनल ने कहा कि हाउसिंग सोसायटी ने अपने फ्लैट मालिकों के प्रतिनिधि के तौर पर काम किया। उसके PAN पर दर्ज लेन-देन सोसायटी की अपनी आय नहीं थे, क्योंकि बिक्री से मिली रकम उसके बैंक खाते में नहीं आई थी।
इसका असर क्यों है
यह फैसला पुनर्विकास परियोजनाओं में शामिल हाउसिंग सोसायटियों के लिए मददगार होगा। फैसले के मुताबिक, किसी सोसायटी के PAN पर दर्ज पुनर्विकास से जुड़े लेन-देन को उसकी आय नहीं माना जा सकता, अगर सोसायटी फ्लैट मालिकों की ओर से प्रतिनिधि के रूप में काम कर रही थी और बिक्री की रकम उसके बैंक खाते में नहीं आई थी।
विशेषज्ञ दृष्टिकोण
पुनर्विकास से जुड़ी सोसायटियों के लिए इस फैसले में सोसायटी की भूमिका, लेन-देन में इस्तेमाल PAN और बिक्री की रकम किस बैंक खाते में आई, इन बातों पर ध्यान दिया गया है। इन्हीं तथ्यों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि लेन-देन सोसायटी का था या फ्लैट मालिकों की ओर से दर्ज किया गया था।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
पुनर्विकास परियोजना से जुड़े खरीदारों और फ्लैट मालिकों को देखना चाहिए कि संबंधित लेन-देन किस तरह दर्ज हैं, किसका PAN इस्तेमाल हुआ है और बिक्री की रकम हाउसिंग सोसायटी के बैंक खाते में जमा हुई है या नहीं। मुंबई ITAT का यह फैसला 18.4 करोड़ रुपये के कर निर्धारण और फ्लैट मालिकों के प्रतिनिधि के रूप में सोसायटी की भूमिका से जुड़ा है।