ET Realty ने 9 सितंबर 2026 को बताया कि मुंबई इनकम-टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ने माना है कि दो फ्लैट्स को एक ही घर के तौर पर वर्गीकृत किया जा सकता है, अगर उन्हें एक घर की तरह खरीदा और इस्तेमाल किया गया हो। इस फैसले से करदाताओं को इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 54F के तहत कटौती का लाभ मिल सकता है।
क्या हुआ
ट्रिब्यूनल ने प्रॉपर्टी के वास्तविक इस्तेमाल पर जोर दिया। उसने माना कि परिवार के लिए एक ही घर की तरह इस्तेमाल किए जाने वाले कई फ्लैट्स को एक आवासीय मकान माना जा सकता है।
यह व्याख्या इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 54F के तहत मिलने वाले टैक्स लाभ से जुड़ी है।
इसका असर
जो करदाता परिवार के इस्तेमाल के लिए दो फ्लैट्स में निवेश करते हैं, वे धारा 54F के लाभ का दावा कर सकते हैं। इस फैसले में टैक्स ट्रीटमेंट इस बात से जुड़ा है कि फ्लैट्स का इस्तेमाल कैसे किया जाता है, सिर्फ इस बात से नहीं कि वे दो अलग-अलग यूनिट हैं।
विशेषज्ञ नजरिया
ट्रिब्यूनल के फैसले से व्यावहारिक बात यह सामने आती है कि फ्लैट्स का वास्तविक इस्तेमाल मायने रखता है। कई फ्लैट्स को परिवार के लिए लेने वाला करदाता यह देखे कि उनका इस्तेमाल एक ही घर के रूप में हो रहा है या नहीं और धारा 54F की कटौती के लिए पात्रता बनती है या नहीं।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
खरीदारों और करदाताओं को दोनों फ्लैट्स के प्रस्तावित इस्तेमाल, उनके एक ही आवासीय मकान की तरह काम करने और धारा 54F की कटौती की शर्तों की जांच करनी चाहिए। इस लाभ पर भरोसा करने से पहले टैक्स स्थिति का आकलन कर लेना चाहिए।
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