चंडीगढ़ के 2026 के नए किराया नियमों के तहत समझौते ऑनलाइन होंगे और हर टेनेंसी के लिए मकान मालिक व किरायेदार को UIN मिलेगा।
चंडीगढ़ ने यूनियन टेरिटरी ऑफ चंडीगढ़ टेनेंसी रूल्स, 2026 को अधिसूचित किया है। इसके तहत किराये के समझौते ऑनलाइन सिस्टम पर दर्ज होंगे और हर टेनेंसी के लिए मकान मालिक तथा किरायेदार को यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) दिया जाएगा। MagicBricks News ने यह जानकारी 12 सितंबर 2026 को दी।
क्या हुआ
नए नियम असम टेनेंसी एक्ट, 2021 को लागू करते हैं। यह कानून पुराने ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट, 1949 की जगह चंडीगढ़ में बढ़ाया गया है।
अब हर किराये का समझौता ऑनलाइन सिस्टम पर दर्ज किया जाएगा। संबंधित टेनेंसी के लिए मकान मालिक और किरायेदार, दोनों को एक UIN मिलेगा।
इसका असर क्यों है
प्रशासन का कहना है कि इन नियमों से किराये की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संतुलित होगी तथा अदालत में मामलों को संभालना आसान होगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड और UIN हर टेनेंसी की पहचान तय करेंगे।
विशेषज्ञों की राय
चंडीगढ़ में घर किराये पर लेने या देने वालों के लिए तत्काल बदलाव ऑनलाइन टेनेंसी सिस्टम है। UIN दोनों पक्षों की टेनेंसी की पहचान करेगा और नियमों के बताए उद्देश्य के अनुसार किराये से जुड़े मामलों को अदालत में संभालने में मदद कर सकता है।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
किरायेदारों और मकान मालिकों को जांचना चाहिए कि उनका किराये का समझौता नए ऑनलाइन सिस्टम पर दर्ज है और दोनों पक्षों को उस टेनेंसी का UIN मिला है। रिकॉर्ड पर भरोसा करने से पहले यह भी देखना चाहिए कि समझौता सही टेनेंसी से जुड़ा है।