ग्रेटर नोएडा ने भूमि अधिग्रहण व्यवस्था में बदलाव किया है। अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजा बढ़ाकर ₹6,415 प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। इस दर पर एक एकड़ भूमि का मूल्य लगभग ₹2.5 करोड़ बैठता है। संशोधित प्रावधान के तहत पात्र भूस्वामियों को 10% आवासीय आबादी प्लॉट भी मिलेगा। MagicBricks News ने यह जानकारी 23 सितंबर 2026 को दी।
क्या हुआ
ग्रेटर नोएडा में अधिग्रहित भूमि के लिए देय मुआवजा बढ़ाकर ₹6,415 प्रति वर्ग मीटर किया गया है। इस हिसाब से एक एकड़ का मूल्य लगभग ₹2.5 करोड़ है।
संशोधित प्रावधान में पात्र भूस्वामियों के लिए 10% आवासीय आबादी प्लॉट का प्रावधान भी है। स्रोत में पात्रता की प्रक्रिया या प्लॉट आवंटन का तरीका नहीं बताया गया है।
इसका असर क्यों अहम है
इस बदलाव से ग्रेटर नोएडा में अधिग्रहित होने वाली भूमि के लिए देय मुआवजे की राशि बढ़ती है। पात्र भूस्वामियों के लिए आवासीय प्लॉट का लाभ भी इस प्रावधान का हिस्सा है।
इस कदम का असर प्रमुख विकास कॉरिडोर के आसपास की रियल एस्टेट गतिविधियों पर पड़ सकता है। स्रोत में आगामी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास के इलाकों में बोडाकी का उल्लेख किया गया है।
विशेषज्ञों की राय
भूस्वामियों के लिए दो बातें सीधे ध्यान देने लायक हैं—₹6,415 प्रति वर्ग मीटर का संशोधित मुआवजा और 10% आवासीय आबादी प्लॉट का लाभ। यह लाभ पात्र भूस्वामियों के लिए है, इसलिए इसे हर भूस्वामी के लिए उपलब्ध नहीं माना जा सकता।
ग्रेटर नोएडा की प्रॉपर्टी पर नजर रखने वालों के लिए स्रोत आगामी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास के इलाकों, जिनमें बोडाकी भी शामिल है, का उल्लेख करता है। स्रोत में परियोजनाओं की समयसीमा, प्लॉट आवंटन के नियम या प्रॉपर्टी कीमतों में बदलाव की जानकारी नहीं है।
खरीदारों को क्या जांचना चाहिए
ग्रेटर नोएडा में खरीद या निवेश पर विचार करने वालों को जांचना चाहिए कि संबंधित जमीन संशोधित अधिग्रहण प्रावधान के दायरे में आती है या नहीं। उन्हें यह भी सत्यापित करना चाहिए कि भूस्वामी 10% आवासीय आबादी प्लॉट के लिए पात्र है या नहीं और आवंटन से जुड़े नियम क्या हैं।
स्रोत में प्रभावित इलाकों की पूरी सूची नहीं दी गई है। इसमें आगामी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास के इलाकों में बोडाकी का उल्लेख है। किसी फैसले से पहले खरीदारों को सटीक लोकेशन और लागू भूमि रिकॉर्ड की पुष्टि करनी चाहिए।
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